Thursday, June 17, 2021
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हिमाचली साहित्य

एक बस सफर के दौरान बस में लिखे वाक्य “सोचो,साथ    क्या जाएगा”को पढ़ कर इस कविता का विचार मन में आया था। सोच,साथ क्या जाएगा? “अनमोल बड़ी है ये जिंदगी,खुशी से इसे  बीता ले तू। बड़े बड़े हैं सपने तेरे,हकीकत इन्हें...
सही गलत किसी बात से व्यथित मन,   व्यथित मन ने लिया ठान, क्या सही है क्या है गलत? अब तो वह यह लेगा जान। विचारों के विमान संग,  उड़ता फिर रहा था मन।  फिर दृश्य एक देखकर,  मन गया वही पर थम ।  ठीक उसी स्थान पर, खत्म हो...
गुरूकुल बहुमुखी शिक्षा संस्था द्वारा ग्लोबल विलेज स्कूल रोपा में आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ से आये जाने माने कवि और चित्रकार कुँवर रविंदर को गुरुकुल राज्य सम्मान 2018 से सम्मानित किया। श्री रवींद्र जी 18000 से अधिक चित्र बना चुके हैं...
कविता- दर्द मिटा दूँगा तेरे दर्द को अल्फ़ाज़ दूंगा, मत सोच तू अकेला हैं हर कदम पर तेरा साथ दूंगा। दर्द का समुंदर जो तेरे अंदर, नित्य रफ़्ता रफ़्ता बहता है उसको भी एक दिन किनारा दूंगा। जिस ख़ामोशी में समा रखा है छट पटाता तूने दर्द...
1. खूबसूरत लम्हो में लिखना चाहती थी , हर रोज़ इक कविता .... मैं हर रोज़; इक कविता तेरे लिए इक कविता, तेरे लिए ऐसा वो कल आता,... मगर, दफन सी हो गई उम्मीद । अरमान, कुछ तेरे कुछ मेरे बीते कल की बातों में छोड़ आए जिनको उन खूबसूरत लम्हों में जहाँ मिले थे हम...
  वक्त का क्या कोई मोल है? वक्त बड़ा अनमोल है। जो वक्त की कीमत जानता है, उसे जमाना मानता है। हम ही बहते जाते हैं इस वक्त की धार में, वक्त कहां रुका करता है किसी के इंतजार में कम है वक्त बड़ा इस जीवन...
समाज के हर स्थान में, हर ऐश में आराम में, हर अच्छे बड़े काम में, मंदिरों के अनुष्ठान में,  हर नृत्य में हर गान में,  कुएं में, तालाब में, पानी के हर स्थान में,  अच्छे परिधान में, सामाजिक खानपान...
??????? बस एक नजर देखने भर से तुम जैसे ह्रदय मे उतर आती हो, हज़ारों परियां सुन्दरता का शगुन लेकर जैसे आँखों मे ठहर जाती हो, तुम्हारी हलचल को ही तो सहेजता रहता हूँ हरपल तुमसे निकली , तुम ही तो, मेरी कविता हो......! मुझे देखकर तुम कुछ कहती भी नहीं लेकिन...
चेयरमैन साहब कुछ दिनों से परेशान चल रहे थे, उनकी समझ में नहीं आ रहा था की फेसबुक में उन्होंने 5000 दोस्त बना रखे हैं और क्यों नहीं बन रहे? चाहते तो साहब 5 लाख बनाना पर कमबख्त जकरबर्ग...
कविता - हिंदी हिंदी भाषा की शान है, हिंदी को देते हम सम्मान हैं। हिंदी हमें सब कुछ सिखाती है। व्याकरण का ज्ञान करवाती है। हिंदी भारतीयों की भाषा है इसमें हमें न कोई निराशा है। हिंदी सबको बोलनी आती है, सबके दिलों को भांति है । देश की माथे की बिंदी है, राजभाषा हिंदी है। खुशबू नौवीं...
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