Wednesday, October 28, 2020
ख़ामोश क्यों खामोश हैं सब इतने, क्यों कोई कुछ बोलता नहीं । क्यों सह रहे हैं सब कुछ, क्यों खूँ खौलता नहीं । जल रहें है घर गैरों के, क्यों ना कुछ रो लें हम। या जलने दें घर अपना, तभी कुछ बोलें हम। -super RK
कोरोना जिस तरह से वैश्विक हुआ है शायद ही इससे पहले कुछ इस तरह वैश्विक हुआ होगा, यहाँ तक कि दो दो विश्व युद्ध हुए और रूस अमेरिका का तनाव रहा पर जितना कोरोना का प्रभाव है उतना किसी...
क्योंकि मैं इन्सान नहीं। मैं हिंदू हूं, मैं मुस्लिम हूं, मेरी और कोई पहचान नहीं, क्योंकि मैं इंसान नहीं। अपनों की छोटी सी चोट पर, जो खून खौलता है मेरा, गैरों की जो जान भी ले लूं, उसी खून के ठंडेपन से, मैं...
अलविदा मानसून तुम इस बार कुछ उखड़े उखड़े से रहे! महज़ एक दो बार ही जम कर बरस सके, बाकी सिर्फ आसमान से ही ताकते रहे और हँसते रहे इंसानों के जंगल राज पर! जो रात दिन लगा हुआ है...
समाज के हर स्थान में, हर ऐश में आराम में, हर अच्छे बड़े काम में, मंदिरों के अनुष्ठान में,  हर नृत्य में हर गान में,  कुएं में, तालाब में, पानी के हर स्थान में,  अच्छे परिधान में, सामाजिक खानपान...
सिरमौर और शिमला जिला के बिल्कुल मध्य भाग में स्थित शिरगुल महाराज की तपोस्थली "चूड़धार" या "चूड़ चांदनी" बेहद खूबसूरत और रमणीय स्थल है। यह स्थल वर्तमान परिदृश्य में लोगो द्वारा गमन किया जाने वाले प्रमुख स्थानों में से...
हिमाचल प्रदेश देश भर में अपनी अनुपम व् अनूठी  संस्कृति के लिए विख्यात है। प्राचीनकाल से पहाड़ो में प्रश्रय लेती सभ्यता आज एक सांस्कृतिक रूप में हम सभी के बीच रीति- रिवाजों लोक प्रथाओं इत्यादि के वेश में विद्यमान...
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