आपके क्या कारण हैं?

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भोग विलासी, अत्याचारी,
चाहे राजा हो दुर्व्यव्हारी।
यशोगीत वो गाते थे,
दिन को कह दे रात अगर वो ,
तो रात ही बताते थे।
ये तो उनका काम था,
 इसी से चुल्हा जलता था।
क्यों ना करते जी हज़ूरी,
 परिवार इसी से पलता था।
 उनके तो कई कारण थे, क्यों कि वो तो चारण थे।
क्यों बांधी है आँखों पे पट्टी, लगा क्यों है अक्ल पे ताला,
आपके क्या कारण हैं?
क्या आप भी चारण हैं?

                                               -super RK

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